मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत मुख्यमंत्री सहायता कोष स्थापित है। जिसमें विभिन्न माध्यमों से अर्थात शासकीय, अशासकीय व्यक्ति अथवा संस्था या कार्यालय द्वारा दी गई दान स्वरूप राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा की जाती है। इस कोष के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा अपने विवेक के अनुसार बाढ़, अग्नि दुर्घटना, सूखा या अन्य विपत्तियों से ग्रस्त या औद्योगिक एवं अन्य दुर्घटनाओं के शिकार या उक्त पीड़ित लोगों को राहत पहॅुचाने के लिये आर्थिक सहायता दी जाती है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त एवं साधनहीन ऐसे लोगों को भी जिन्हें तत्काल सहायता देना आवश्यक प्रतीत होता है, इस कोष से सहायता दी जाती है। यह दान राशि नगद, मनीआर्डर, चैक अथवा बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से भी प्राप्त होती है। यह सहायता प्रभावित व्यक्तियों या उनके परिवार के लोगों को सीधे अथवा संबंधित जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रदान की जाती है। इस कोष में दान स्वरूप दी जाने वाली राशि पर आयकर अधिनियम-1961 की धारा-80-जी-(2)(a)(v) के अन्तर्गत आयकर में छूट प्राप्त है
इस कोष के प्रशासन के लिये एक न्यासी मण्डल गठित है, जिसमें प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्रीजी अध्यक्ष होकर मान. वित्तमंत्री, मान. राजस्व मंत्री, मान. उद्योग मंत्री, मान. समाज कल्याण मत्री एवं वित्त सचिव सदस्य के रूप में मनोनीत हैं। मान. मुख्यमंत्रीजी के सचिव, सदस्य सचिव के रूप में कार्य करते हैं।